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नई दिल्ली [अजय पांडेय]। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी म्यांमार में हैं। वहां पर वह आत्मशुद्धि के लिए की जाने वाली कठिन साधना विपश्यना कर रहे हैं। उनके 14 अप्रैल को दिल्ली पहुंचने की संभावना है। स्वदेश लौटने के बाद वे यहां रामलीला मैदान में 19 अप्रैल को हो रही कांग्रेस की किसान खेत मजदूर रैली में हिस्सा लेंगे।
अध्यात्म जगत में मशहूर है यह साधना स्थल
कांग्रेस के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी म्यांमार में एक प्रसिद्ध साधना स्थल में विपश्यना कर रहे हैं। यहां पर भारत से ताल्लुक रखने वाले चर्चित आध्यात्मिक गुरु भी साधना करते रहे हैं। इस साधना स्थल का निर्माण एक प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति ने दशकों पहले कराया था।
राहुल 14 अप्रैल की सुबह दिल्ली आ जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं से उनकी मुलाकात और पार्टी की बैठकों में शामिल होने का उनका सिलसिला उसी दिन से शुरू हो जाएगा लेकिन अचानक देश से जाने के बाद वह पहली बार 19 अप्रैल को रामलीला मैदान में आयोजित रैली में लोगों से रूबरू होंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी विपश्यना के लिए दिल्ली से बाहर गए थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष का गायब हो जाना लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। राजधानी के सियासी गलियारों में कभी उनके स्पेन में होने की अफवाहें उड़ती रही हैं तो कभी किसी और देश का नाम लिया जाता है।
विपक्ष के निशाने पर हैं राहुल
राहुल फरवरी में संसद का सत्र शुरू होने के बाद से ही लगातार गायब हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर खूब निशाने भी साधे हैं। ऐसी चर्चा है कि पार्टी में अपने मन के मुताबिक काम नहीं होने की वजह से नाराज होकर उन्होंने देश से बाहर जाने का फैसला किया। यह भी कहा जाता रहा है कि उनकी नाराजगी पार्टी के कुछ वरिष्ठों को लेकर है।
हालांकि, कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता ही इन तमाम सियासी अटकलों का खंडन करते रहे हैं। राहुल के गायब होने को लेकर जारी चर्चा पर पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के अपने दौरे के दौरान इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि वह जल्द ही लौटेंगे और अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी का भी दौरा करेंगे।
आत्मशुद्धि की साधना है विपश्यना
विपश्यना ऐसी साधना विधि है जिसका लक्ष्य विकारों को खत्म कर परमविमुक्ति की अवस्था को प्राप्त करना है। यह आत्मनिरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की साधना है। यह मन को स्वस्थ बनाने की साधना है। इसको सिखाने के लिए दस दिन का शिविर लगता है। इस दौरान साधक सांसारिक बातों से पूरी तरह अलग होकर साधना में लीन हो जाता है। विपश्यना सिखाने वाले आचार्यो को किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं दिया जाता है।
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(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)
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