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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अब अगले पांच सालों में बिना किसी भेदभाव के लाखों की संख्या में लोगों को संगठन से जोड़ा जाएगा। समाज का कोई भी वर्ग इससे अछूता नहीं रहेगा। राष्ट्रीय सेवा भारती के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन समारोह में संघ के संयुक्त सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने ये बातें कहीं। उनके मुताबिक, भारत को सेवाओं की सुनामी चाहिए। हमें इसी अंदाज में काम करना है। समारोह में सामाजिक कार्यों से जुड़ी करीब 700 संस्थाओं ने हिस्सा लिया।
समाज के कमजोर वर्ग की तुलना शरीर के कमजोर हिस्से से करते हुए सह सरकार्यवाह ने कहा कि अगर इसका उपचार नहीं किया जाएगा तो यह पूरे शरीर को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि आइआइटी व आइआइएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के युवाओं में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा दिखाई देता है। होसबोले ने समारोह में मौजूद करीब साढ़े तीन हजार स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।
गौरतलब कि एक दिन पहले रविवार को समारोह में आए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी संघ के कार्यों में विस्तार किए जाने की चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि हमारे देश ने नया प्रतीक, नई शांति व बंधुत्व के समाज की अवधारणा पेश की है, जहां सबको साथ लेकर चला जाता है। भारत इन्हीं सबसे मिलकर बना है और ऐसा ही समाज हमें बनाना है। संघ अपने कार्यों का विस्तार कर इन्हें और अधिक व्यवस्थित करेगा। दुनिया को एक शक्ल देने के लिए पिछले दो हजार सालों में जो असफल प्रयोग हुए, उससे दुनिया का मोहभंग हो चुका है।
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(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)
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